Sunday, January 30, 2011

Ek Soch - Kyon Baante Insaan Ko" Uske" Naam ek tukade Jameen par


लोग कहते है हर दिल में खुदा का घर  है , भगवान हर इंसान में  रहता है , 
फिर क्यों इस कदर उसमें नफरत आती है और शैतान चले आते हैं .

विद्वान् सिखाते  है की गीता और कुरान  अमन  का  सबक  बताते हैं ,
तो फिर हम कैसे गोलियों और बारूदों की भाषा सीख जाते हैं
.
हर दुआ में ,हर पूजा में , हम कहते हैं की "वोह" हर जर्रे जर्रे में है,
तो फिर एक टुकडे जमीन पर "उसके" लिए क्यों सब लड़ जाते हैं

राम भी "वह"  है , रहीम भी "वह"  है , हम सब "उसके" बन्दे हैं ,"वोह" हम सबका मालिक है
तो कौन हैं वे लोग ,जो "उसके" नाम पर  हमें अलग , अलग कर जाते हैं ?

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